यह राम तुम्हारा ऋणी है !
लेखक :सुशील दुबे माता सीता को आभास हो गया था कि प्रभु श्री राम लंका के समीप पहुंच चुके हैं। प्रकृति में चहुओर अलग सा उत्साह और उमंग दिख रहा था। माता सीता ने आभास होते ही मन ही मन प्रभु के चरणों का वंदन किया और विनती की कि हे नाथ, आपके उपस्थिति मात्र … Read more