साध्वी संगीत श्री जी के सानिध्य में अध्यात्म के गोते लगा रहे तेरापंथ धर्मसंघ के अनुयायी,निराहार रहकर तपस्या कर, ले रहे आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा
किशनगंज /प्रतिनिधि तपस्या शूरवीरों का काम है।आत्मबल, संकल्पबल के साथ साथ तपस्या की जाती है।शरीर के साथ साथ कषायों को भी तापना जरूरी है।”तपसा-धुठाई पुराण पावंग” तप से पुराने कर्मों को क्षीण किया जाता है।आज इस उपभोग संस्कृति में अपने आपको संयमित करना आत्मबल का परिचय है।उपरोक्त बाते तेरापंथ भवन में विराजित आचार्य श्री महाश्रमणजी … Read more