तैराकी की पाठशाला !अनकही दास्तां

राजेश दुबे कोशी प्रमंडल  में हर साल महानंदा,कोसी के साथ साथ उसकी सहायक नदियाँ कहर बनकर तबाही की अनकही दास्ताँ लिखती है ।ये नदियाँ अपनी उफनती लहरों में सबकुछ समाहित कर लेती है..और अपने पीछे दर्द की ऐसी कहानी छोड़ जाती है जिसकी घुटन ता-उम्र लोगो को महसूस करना पड़ता है ।मगर इन सब के … Read more