भूमिहीन विद्यालय से ले कर आदर्श विद्यालय तक का निधि ने सफर किया तय ,अभिभावक सराहना करते नहीं थकते
किशनगंज /प्रतिनिधि “कौन कहता है आसमां में सुराख़ नहीं हो सकता तबियत से इक़ पत्थर तो उछालो यारो” इन्हीं पंक्तियों को चरितार्थ किया है शिक्षिका कुमारी निधि ने। जब निधि ने विद्यालय में योगदान दिया था उस समय विद्यालय के नाम पर निधि को एक जमीन का टुकड़ा तक नहीं मिला था बिना किताब बिना … Read more