करंट लगने से शिक्षक का असमय निधन,परिजनों में उमड़ी शोक की लहर ।शिक्षकों ने जताया शोक

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विजय कुमार साह/टेढ़ागाछ

टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत कालपीर पंचायत के पिपरा गांव के निवासी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरा (वार्ड संख्या-2) में कार्यरत शिक्षक मो० बीरजीश आलम का सोमवार को दुःखद निधन हो गया।प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह में उन्होंने अपने खेत की सिंचाई के लिए मोटर से पानी पटाने का कार्य शुरू किया। इसी दौरान जब वे मोटर में बिजली का तार जोड़ रहे थे, तो अचानक करंट लगने से वे खेत में ही अचेत होकर गिर पड़े। आसपास मौजूद मजदूरों ने जब यह दृश्य देखा, तो तुरंत शोर मचाकर ग्रामीणों को बुलाया।

ग्रामीणों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें चार चक्का वाहन से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ पहुंचाया।जहा
स्वास्थ्य केंद्र में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार द्वारा उपचार के उपरांत उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।

लेकिन, अररिया ले जाने के क्रम में रास्ते में ही उनका निधन हो गया।मो० बीरजीश आलम वर्ष 2003 से उत्क्रमित मध्य विद्यालय पिपरा में बतौर शिक्षक कार्यरत थे। वे न केवल अपने विषय के जानकार शिक्षक थे, बल्कि विद्यार्थियों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और सुलझे हुए व्यक्तित्व के धनी थे।

उनका असामयिक निधन समस्त विद्यालय परिवार, छात्र-छात्राओं, और ग्रामीण समाज के लिए अपूरणीय क्षति है।शिक्षक अपने पीछे पत्नी सहित पांच बच्चों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर जैसे ही फैली, क्षेत्र के शिक्षक समाज में शोक की लहर दौड़ गई।

विद्यालय के प्रधान शिक्षक मो. नासीर आलम, मुजफ्फर आलम, शाह आलम, नवाज, दिलीप कुमार बैठा, सुमित्रा देवी, विरेन्द्र पुष्परेल, नुरुल हक, कासिफ अमीन, हीना रब्बानी, मरगुबूल हसन, राशिद अनवर, मो० नादिर आलम,मो० ग्यास सरवर, जिला परिषद प्रतिनिधि अकमल समसी, पूर्व मुखिया नाजीर हयात, पूर्व मुखिया प्रतिनिधि अफसार आलम, रोशन जमीर सहित कई शिक्षकों ने उनके आवास पहुंचकर शोक संतप्त परिजनों को ढाढ़स बंधाया।घर पर बच्चों और परिजनों का विलाप माहौल को गमगीन बना गया। इस अपूरणीय क्षति पर समस्त शिक्षक संघ एवं शिक्षा समुदाय ने गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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