दिघलबैंक/किशनगंज /मुरलीधर झा
बिहार पुलिस सप्ताह 2025 के अंतर्गत सोमवार को साइबर अपराधों को रोकने व साइबर क्राइम के प्रति आमजन को सजग करने के लिए दिघलबैंक पुलिस ने स्कूलों(+2 उच्च विद्यालय हरुवाडांगा)में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया। इसके तहत बच्चों को साइबर अपराध की जानकारी देकर उनको बचाव के तरीके बताए गए। पुलिस अधीक्षक सागर कुमार के निर्देश की पालना करते हुए जिला पुलिस की अलग-अलग टीमों ने स्कूल कॉलेज में इसी अपराध से जुड़ी जानकारी देकर युवाओं, शिक्षकों और आमजन को जागरूक कर रहें हैँ।
अंजान व्यक्ति को ना दे जानकारी
दिघलबैंक थानाध्यक्ष सुमेश कुमार ने बताया कि साइबर अपराध कई प्रकार के होते हैं जिसमें हैकर्स/धोखेबाज किस्म के अपराधी पीडि़तों की प्रतिष्ठा, वित्त, व्यवसाय आदि को प्रभावित करने वाले विभिन्न साधनों का उपयोग करते हैं। समय के साथ साइबर अपराधी साइबर क्राइम करने के तरीके बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि आपकी सहायता करने के लिए आपको यदि कोई बैंक, बिजली निगम, टेलीफोन एक्सचेंज, आयकर या किसी भी विभाग का कर्मचारी बताकर आपसे कोई जानकारी मांगता है तो आप उसे अपनी कोई भी जानकारी ना दें।
साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए भेजते हैं फ्रैंड रिक्वेस्ट
सुमेश कुमार ने बताया कि साइबर ठगों के निशाने पर हर वह आदमी है, जो किसी भी डिजिटल माध्यम से जुड़ा है फिर चाहे वह इंटरनेट मीडिया हो या फिर इंटरनेट बैंकिंग। बदलते वक्त के साथ साइबर ठगों ने अपने पैंतरे भी बदले हैं। साइबर ठग इंटरनेट मीडिया के जरिए लोगों के पास किसी एप्लीकेशन के माध्यम से फ्रैंड रिक्वेस्ट भेजते हैं। वह उनसे दोस्ती करके धीरे-धीरे उनके बारे में समस्त जानकारियां जुटा लेते हैं। उसके बाद शातिर उनको ठगी का शिकार बनाते हैं। वो उनकी निजी फोटो/बैंक खातों से संबंधी जानकारी भी एकत्रित कर लेते हैं और अपने जाल में फंसाकर उनके खाते में जमा पूंजी को खाली कर देते हैं। ऐसे में विद्यार्थियों एवं आमजन को इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि वह अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट व बैंकिंग एप्स को सुरक्षित लॉक करके रखें तथा अपनी निजी जानकारी को किसी भी व्यक्ति से सांझा करने से बचें।
इस आयोजन में एस आई जयराम बिन्द,विद्यालय के प्रधानाध्यापक मो मानिरुल हक, मनोज कुमार सिंह, मुख़्तार आलम, शुशीला कुमारी, रुकसाना खातून, टुम्पा कर्मकार सहित सभी शिक्षक उपस्थित रहें।