किशनगंज/इरफान
पोठिया प्रखंड अन्तर्गत बुढ़नई पंचायत स्तिथ डांगीबस्ती हलिमी मजार परिसर में 73 वां तीन दिवसीय उर्स हलिमी का आयोजन किया गया है। सोमवार को शुरू हुए उर्स ए हलिमी का समापन बुधवार को किया जाएगा। जिसमे यूपी, पश्चिम बंगाल एवं बिहार से कई बड़े उलेमा शिरकत करेंगे। सोमवार को पोठिया के कई इलाके से मुस्लिम श्रद्धालुओं द्वारा चादरपोशी की गई और दुआ मांगी गई ।
श्रद्धालुओं की मान्यता है, कि सच्चे मन से जो भी लोग यहाँ दुवा मांगते है उनकी मन्नतें जल्द पूरी होती है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष डांगीबस्ती मजार पर तीन दिवसीय उर्स-ए-हलीमी का आयोजन किया जाता है। लेकिन इस वर्ष कोरोना संक्रमण को लेकर एवं कोविड-19 के गाईडलाइन का पालन करते हुए तथा मजार पर लोगों की ज्यादा भीड़ न लगे इसके लिए 1 दिन अतिरिक्त बढ़ा कर तीन दिवसीय उर्स के प्रोग्राम का आयोजन रखा गया है। जो 28 दिसंबर से शुरू होकर 30 दिसंबर को समाप्त होगा।
बाबा हजरत अब्दुल हलीम साह रहमतुल्लाह के मजार पर इलाके के मुस्लिम समाज के अलावे हिंदू धर्मावलंबी भी पहुंचते है।और दरगाह पर चादरपोशी के साथ सच्चे मन से प्रार्थना करते है। वही तीन दिवसीय कार्यक्रम में सुरक्षा के दृष्टिकोण से पोठिया द्वारा डांगीबस्ती मजार परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। उर्स कमिटी में पूर्व मुखिया मो अजीजुर्रहमान,मो कबीरउद्दीन,परवेज आलम,फारूक आलम,डॉ जहांगीर आलम,नावेद,जुल्फकार अली,शहबाज आलम सहित अन्य मौजूद है।