किशनगंज स्थित डॉ. कलाम कृषि महाविद्यालय में 30 जूलाई से 13 अगस्त तक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कोर्स उर्वरक डीलरों को पैरा-एक्सटेंशन प्रोफेशनल्स के रूप में विकसित करने के लिए था। यह कार्यक्रम का आज समापन किया गया है।
महाविद्यालय के एसोसिएट डीन सह प्रिंसिपल डॉ. के. सत्यनारायण ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने कृषि में उर्वरक के महत्व पर प्रकाश डाला। कोर्स डायरेक्टर डॉ. भोला नाथ साहा ने प्रशिक्षणार्थियों को कृषि क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में प्रशिक्षार्थियों को मृदा प्रबंधन और उर्वरक के उचित उपयोग की जानकारी दी गई। वही प्रशिक्षार्थी ने बताया कि वह अब अपने गांव के किसानों को बेहतर मार्गदर्शन दे सकेगा। और ग्रामीण क्षेत्रों में लोगो को उचित कीमत व सरकारी कीमतों में खाद्य बीच मिलेगा।
वही डॉक्टर एस के पाल ने बताया, इस कोर्स में फर्टिलाइजर डीलर्स और कृषि व्यवसाय से जुड़े लोग शामिल हो सकते हैं। प्रतिभागियों को 12,500 रुपये का शुल्क NEFT/RTGS के माध्यम से जमा करना होता है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्वेता कुमारी ने किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उर्वरक डीलरों की पेशेवर क्षमता बढ़ाने में सफल रहा। भविष्य में भी इसी तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इस अवसर पर डॉ. जे. पी. सिंह, नोडल अधिकारी, HRC, व डॉ. संजय सहाय, नोडल अधिकारी ACS, साथ ही अन्य वैज्ञानिक,डॉ हेना प्रवीन, डॉ मोहसिना अंजुम, डॉ.मनीष कुमार, डॉ. वंदना सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।