किशनगंज /प्रतिनिधि
नमामि गंगे के अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक डीएम श्रीकांत शास्त्री की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में आयोजित की गई । बैठक में उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों को जरूरी दिशा- निर्देश डीएम के द्वारा दिये गए।
नमामि गंगे अंतर्गत जिला गंगा समिति की बैठक में उपस्थिति संबंधित पदाधिकारियों को अवगत कराया गया कि नदियों के प्रदूषण पर नियंत्रण एवं नदियों को पुनर्जीवित करने के लिए नमामि गंगे परियोजना का संचालन सरकार द्वारा की गई है।
वही एजेंडा के अतिरिक्त पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में जिला पदाधिकारी श्रीकांत शास्त्री ने इस बैठक में किशनगंज शहरी क्षेत्र में प्रवाहित रमजान नदी की सफाई और शहरी के सौंदर्यीकरण व अतिक्रमण मुक्त करने पर कार्ययोजना के बारे में पूछा। शहरी क्षेत्र की साफ सफाई और सौंदर्यीकरण को लेकर डीएम सख्त दिखे।उन्होंने रमजान नदी क्षेत्र में पिलर के कार्य पर सूचना मांगी,परंतु कार्यपालक पदाधिकारी ,किशनगंज नगर परिषद अनुपस्थित थे। पिलरिंग के कार्य में नगर परिषद के स्तर पर लापरवाही उजागर होने पर उपस्थित अधिकारी को कड़ी फटकार डीएम के द्वारा लगाई गई तथा कार्यपालक पदाधिकारी का वेतन स्थगित कर कारण पृच्छा करने का निर्देश दिया गया।
वही बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देश का अनुपालन की समीक्षा की गई। डीएम ने कहा कि महानंदा, डोंक आदि सहायक नदियों में ग्रामीणों के फेके गए कचरा,प्लास्टिक से सहायक नदियों में कचरा समाहित होकर गंगा नदी को प्रदूषित करते हैं। इससे जलीय जीवों एवं हमारे रोजमर्रा के जिंदगी में प्रतिकूल असर पड़ता है अथवा भू -गर्भ में समाहित होकर हमारे जल स्तर को प्रदूषित कर देते है। संबंधित पदाधिकारियों को जन जागरूकता हेतु निर्देशित किया गया।
नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के बिंदु पर चर्चा के क्रम में जिला पदाधिकारी के द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की नालियों से आते मैले पदार्थ (ठोस- तरल) और शौचालय के निर्माण के समय जल प्रदूषण नहीं हो इस बात पर ध्यान रखने को कहा गया।बैठक में आमजनों एवं नदियों के बीच बेहतर संबंध के लिए घाटों की सुव्यवस्थित ढंग से मरम्मति कर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने पर बल दिया गया। इसी क्रम में किशनगंज शहरी क्षेत्र में निर्माणाधीन छठ घाट की प्रगति की समीक्षा कर निर्देश दिए गए।
सभी नगर निकाय में ठोस कचरा प्रबंधन की समीक्षा की गई। स्थानीय स्तर पर नदी – नाला में कचरा (Wastage) नहीं डालने के लिए लोगो को प्रेरित करने का निर्देश दिया गया तथा यह भी अवगत कराया गया कि “नमामि गंगे योजना” जल प्रदूषण को नियंत्रित करने का उचित माध्यम है । अपने नगर निकाय में कार्यपालक पदाधिकारी ठोस कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करवाएं।स्वच्छ और सुंदर शहर अंतर्गत शहरी क्षेत्र में साफ सफाई, लाइट,पार्क,यातायात व्यवस्था,बस स्टैंड आदि की व्यवस्था पर कई निर्देश दिए गए। सफाई कार्य का गहन अनुश्रवण का निर्देश दिया गया ताकि सफाई का कार्य कागजों पर दिखने की बजाय धरातल पर भी दिखे। डीएम ने कहा कि प्रायः तीनो शहरी क्षेत्र में दिन में भी सड़को पर बिजली पोल पर बल्ब जलते रहते हैं,जिम्मेदारी निर्धारित कर इसे समय से बंद करवाने व संबंधित पर दंड अधिरोपित करने का निर्देश सभी कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया।
बुडको के पदाधिकारियों से प्रस्तावित एक विद्युत शवदाह गृह, दो लकड़ी शव दाह गृह के निर्माण की अद्यतन स्थिति पर पूछताछ किया गया। कार्य प्रक्रियाधीन है। नदी किनारे खनन और घाट पर वृक्षारोपण पर विमर्श किए गए। वन प्रमंडल पदाधिकारी ने बताया कि जिला में विश्व पृथ्वी दिवस पर वृक्षारोपण किया गया है,जो लगातार जारी है।
एकल प्लास्टिक उपयोग को रोकने हेतु कृत कार्रवाई पर असंतोष प्रकट करते हुए छापामारी करने तथा लोगो में जागरूकता लाने हेतु कार्रवाई का निदेेश सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारी को दिया गया। शहरों में पार्क हस्तानांतरण की समीक्षा में बहादुरगंज नप को विधिवत सभी पार्क को वन विभाग को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया गया।
इस बैठक में जिला गंगा समिति के संयोजक वन प्रमंडल पदाधिकारी अररिया/किशनगंज, वरीय उप समाहर्त्ता(जिला सामान्य),अंचलाधिकारी किशनगंज एवम समिति के अन्य सदस्य तथा संबद्ध विभागो के कार्यपालक अभियंता व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।