- 28 मई से 01 जून तक चलेगा पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान
- 3.42 लाख लक्षित बच्चों को पिलायी जाएगी पोलियो की दवा
किशनगंज :जिले में पांच दिन तक चलने वाले पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ रविवार को प्रभारी जिला पदाधिकारी स्पर्श गुप्ता के द्वारा जिले के किशनगंज प्रखंड के गाछ्पारा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में शिशुओं को पोलियो ड्रॉप पिलाकर किया गया। यह अभियान 28 मई से 01 जून तक जिले के सभी प्रखंडों मे चलेगा। इस अवसर पर प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा पोलियो की दो बूंद दवा बच्चों को पोलियो जैसे गंभीर रोग से बचाएगी। नवजात शिशुओं में विकलांगता होने के प्रमुख लक्षणों में से एक हैं पोलियो। जिससे ग्रसित होने पर शिशु उम्र भर के लिए लाचार हो जाता है। अभियान के तहत शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सफलतापूर्वक संपन्न करना पहली प्राथमिकता है । यह हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है कि अपने और समुदाय के पांच वर्ष से कम आयु के नौनिहालों को पोलियो की दवा जरूर पिलाएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाये अभियान को सार्थक कर पोलियो को जड़ से खत्म करें। उन्होंने बताया कि दक्षिण-पूर्व एशिया समेत भारत को 2014 से ही पोलियो मुक्त घोषित किया गया है, पर आस-पड़ोस के पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि देश अभी भी पोलियो से ग्रसित हैं। वहां से आने वाले लोगों द्वारा यह भारत में भी फैल सकता है। इसलिए हमें सावधान रहना जरूरी है । जिसके लिए अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने जिले के निवासियों से अपील करते हुए कहा कि आपलोग अपने बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए उन्हें पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाये। उद्घाटन के दौरान सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर , जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार , सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ उर्मिला कुमारी ,डब्ल्यूएचओ के एसआरटीएल डॉ सुमन कन्दुलन , एसएम्ओ डॉ अनिशुर रहमान ,यूनिसेफ के एसएमसी एजाज अफजल , प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ कश्यप, ,प्रखण्ड स्वास्थ्य प्रबंधक अजय कुमार , सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।
13 जनवरी 2011 के बाद एक भी मामला देश में नहीं –
प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार ने बताया कि आज भारत ने पोलियो के खिलाफ अपने संघर्ष में एक महत्वपूर्ण पड़ाव प्राप्त किया है। भारत में 13 जनवरी 2011 के बाद से सीवेज के नमूनों में न तो वन्या पोलियो वायरस और न ही अन्य पोलियो वायरस का मामला दर्ज किया गया है। इसकी असाधारण उपलब्धि लाखों टीका लगाने वालों, स्वयं सेवकों, सामाजिक प्रेरणादायी व्यक्तियों ,अभिनेताओं , सामाजिक कार्यकर्ताओं और धार्मिक नेताओं के साथ सरकार द्वारा लगाई गई ऊर्जा ,समर्पण और कठोर प्रयास का परिणाम है ।
कुल 3 लाख 42 हजार बच्चों के टीकाकरण का है लक्ष्य:
सिविल सर्जन डॉ कौशल किशोर ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के दौरान जिले के करीब 3 लाख 42 हजार बच्चों को दवा पिलाने के लक्ष्य के आलोक में 18,868 बायो वालेंट वैक्सीन प्राप्त की गयी है। जिसके द्वारा कुल 3.68 लाख घरों में भ्रमण किया जाएगा। जिसके लिए कुल 927 हाउस टू हाउस टीम लगाई गई है। चौक-चौराहों पर भी दवा पिलाने के लिए जिले में 90 ट्रांजिट टीम बनाई गई है। इसके अलावा बासा, ईंट भट्ठों व घुमंतू आबादी वाले क्षेत्रों में भी दवा की पहुंच बनाने के लिए 25 मोबाइल टीम तैयार की गई है। सभी टीम की निगरानी के लिए 315 सुपरवाइजर भी तैयार किए गए हैं। एक सदस्यीय 08 दल बनाया गया है | एक सुपरवाइजर द्वारा 3 टीम का निरीक्षण किया जाएगा।
बस व रेलवे स्टेशन पर टीकाकर्मी रहेंगे तैनात:
प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ देवेन्द्र कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान पांच साल तक के सभी बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का लक्ष्य है। कोई बच्चा इससे वंचित नहीं रहे इसके लिये जरूरी तैयारियां की गयी हैं।अधिक से अधिक बच्चों को इस अभियान से जोड़ने के लिये शहर व गांव के व्यस्त चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन सहित भीड़-भाड़ वाले अन्य जगहों पर टीकाकरण दल की प्रतिनियुक्ति की गयी है। जो बाहर से आने-जाने वाले बच्चों को दवा पिलाने का काम करेंगे।