टेढ़ागाछ (किशनगंज)विजय कुमार साह
टेढ़ागाछ प्रखंड में भारी वर्षा के कारण बाढ़ व कटाव सैकड़ों परिवार बेघर हुए हुए। आसमानी आफत के बीच बाढ़ व कटाव से दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं। सड़कों के उपर से पानी निकल रहा है। आवागमन वाधित है। कच्चे मकान ध्वस्त हो गए हैं। रसोई घर डूब चुका है।खाने तक के लाले पड़ गए हैं। प्रशासन कछूआ गति से कहीं कहीं राहत व बचाव कार्य पहुंचा रहा है। प्रशासन के तरफ से सुहिया, कोठी टोला दर्जनटोला गढ़ीटोला खजूर बाड़ी धवेली आदि दर्जनों गांवों का अभी तक सूधि तक नहीं लिया गया है। सड़क और पुल पुलिया ध्वस्त हो जाने से आवागमन वाधित हो चुका है। स्वास्थ्य सेवा व विधुत आपूर्ति चरमरा गई है।लोग अभी भी निचले इलाकों में फंसे हुए हैं।

चिल्हनियॉ पंचायत के उप मुखिया गोपाल मंडल ने कहा कि पंचायत के सभी पंन्द्रह वार्ड बाढ़ व कटाव से प्रभावित हुआ है। इस आसमानी आफत के बीच राहत व बचाव कार्य प्रशासन के तरफ से कछूआ की मंद रफ्तार के साथ किया जा रहा है। सभी लोगों तक राहत नहीं पहुंच रहा है। बताते चलें कि टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के कनकई व रेतुआ एवं गोरिया तीन नदियों के बीच अवस्थित है। तीनों नदियों के प्रलयकारी बाढ़ व कटाव से हर वर्ष सैकड़ों परिवार और हजारों एकड़ उपजाऊ भूमि नदी में विलीन हो जाते है, पर बाढ़ व आपदा विभाग आज तक इनको बचाने के लिए कोई ठोस व कारगर कदम नहीं उठा सका है।

जिसका नतीजा है की हवाकोल मध्य विद्यालय, हवाकोल गांव, सुहिया गांव ,सुहिया हाट, मालीटोला, बाभनटोली, कोठी टोला, परतिटोला, पत्थरघट्टी फुलवरिया हाट, मटियारी हाट आदि दर्जनों गांवों का वजूद मिटने पर है। कृष्ण प्रसाद मंडल का कहना है कि बाढ़ व आपदा विभाग के लापरवाही और लुट-खसौट, भ्रष्टाचार के चलते हवाकोल स्कूल व आंगनवाडी केंद्र एवं गांव कटने के कगार पर पहुंच गया है। यह भी एक दो दिन के अन्दर रेतुआ नदी के गर्भ में समा जाएगा। वहीं वार्ड सदस्य प्रतिनिधि शंम्भू साहनी का कहना है कि चिल्हनियां पंचायत स्थित सुहिया गांव के एक दर्जन घर रेतुआ नदी के गर्भ में समा गया पर आज तक कोई कटाव रोधी कार्य नहीं किया गया।
सभी अधिकारी गांव के कटने का इंतजार करते रहे। जिससे यहां के लोग प्रशासन से नाराज़ हैं। मटियारी पंचायत के समिति प्रतिनिधि तौसीफ आलम ने बताया कि मालीटोला एवं मटियारी कुर्राटोली गांव को बचाने के लिए बाढ़ व आपदा विभाग एवं जिला पदाधिकारी से गुहार लगाकर थक गए पर आज तक कटाव रोधी कार्य नहीं किया गया है। जिसके वजह से कई घर कनकई नदी के गर्भ में समाधि ले चुके हैं। और प्रशासन कई घरों का कटने का इंतजार कर रहा है। उन्होंने बताया कि कनकई नदी की धारा अनीश मास्टर के घर होकर बदलने का प्रयास में है। अगर कनकई नदी की धारा उधर से बहने लगती है तो करोड़ों की लागत से बना लौचा पुल शोभा का वस्तु बनकर रह जाएगा और नदी चंद्रगांव के रास्ते बहने लगेगी।