किशनगंज /संवादाता
जिला स्तरीय मानव व्यापार निरोधी समिति एवम् चाइल्ड लाइन एडवाइजरी बोर्ड की समीक्षा बैठक
सोमवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित की गई।जिलाधिकारी डॉ आदित्य प्रकाश के निर्देशानुसार उक्त दोनों बैठक में विस्तृत समीक्षा ब्रजेश कुमार,अपर समाहर्ता के द्वारा की गई।
बैठक में मानव व्यापार , बाल श्रम व चाइल्ड लाइन के समस्याओं पर बिंदुवार चर्चा के क्रम में सहायक निदेशक, जिला बाल संरक्षण इकाई,किशनगंज ने बताया कि जिला में व्यापक जागरूकता अभियान के लिए संबंधित विभाग से समन्वय कर अगले माह पंचायत स्तर से जुड़े जन प्रतिनिधियों व कर्मियों का प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजन किया जाना है।
समीक्षा उपरांत अपर समाहर्ता ने निर्देश दिया कि शिक्षा,कल्याण,श्रम ,पंचायतीराज,पुलिस,अभियोजन,सामाजिक सुरक्षा,आईसीडीएस से जुड़े सभी अधिकारी समन्वय से काम करते हुए बच्चो व मानव व्यापार से जुड़े मामलो पर संवेदनशील होकर कार्य करें तथा आवश्यकतानुसार जिला स्तर पर कार्यरत बाल कल्याण समिति(cwc) में बच्चो को भेजकर उनकी काउंसलिंग निश्चित रूप से करवाएं। बाल कल्याण व संरक्षण के निमित उनको नियमानुसार देय क्षतिपूर्ति स्वयं पहल कर दिलवाए।वहीं
जिला स्तर पर गठित धावा दल लगातार औचक निरीक्षण ,छापामारी करें ताकि बच्चो ,बच्चियों के कल्याणार्थ अधिकतम लाभ प्राप्त हो सकें।साथ ही,धावा दल में संबंधित थाना के नामित बाल कल्याण पदाधिकारी को भी रखें।संबंधित प्राथमिकी दर्ज कराते समय यथा आवश्यक बाल श्रम,जुवेनाइल,उत्पीड़न,शोषण आदि की धाराओं में दर्ज कराने पर कार्रवाई करें।
अपर समाहर्ता ने निर्देशित करते हुए कहा कि प्रखण्ड ,पंचायत स्तर पर जागरूकता लाने हेतु विभिन्न विभाग की गठित समिति से सहयोग लेकर बाल संरक्षण इकाई लगातार अभियान चलाएं।
बैठक में बीएसएफ,एसएसबी के प्रतिनिधियों के द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा संदिग्ध गतिविधियों पर पूछताछ कर यह सुनिश्चित करने का प्रयास रहता है कि कोई बाल,मानव व्यापार नहीं हो। उपस्थित प्रतिनिधियों को बाल,मानव व्यापार पर लगातार नजर रखकर उनका रेस्क्यू का निर्देश दिया गया।
बैठक में जिलाधिकारी के निर्देशानुसार चाइल्ड लाइन के प्रतिनिधि को टॉल फ्री नंबर 1098 के प्रचार प्रसार हेतु निर्देश दिया गया।चाइल्ड लाइन के द्वारा बाल विवाह रोकथाम,बाल श्रम,गुमशुदा बच्चो आदि पर किए गए कार्य और आगामी कार्य योजना पर प्रस्तुति दी गई।
चाइल्ड लाइन सलाहकार परिसद की बैठक में संबंधित मामलो का अनुश्रवण का निर्देश दिया गया।
पीड़ित बच्चे के समुचित उपचार हेतु सिविल सर्जन के साथ सामंजस्य कर उनको हर संभव उपचार करवाने का निर्देश संबंधित सभी अधिकारियों को दिया गया ।
बाल उत्पीड़न,मानव व्यापार पर दर्ज कांडो में अभियोजन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि आरोप पत्र,गवाह उपस्थापन्न, केस डायरी लेखन आदि पर पुलिस के पदाधिकारियों से समन्वय कर केस निष्पादन प्राथमिकता में रखें।